लखनऊ, 29 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में लगातार बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, झांसी, आगरा और आसपास के अनेक जिलों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज़ हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश होने का भी अनुमान है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मानसूनी तंत्र के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसके चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और लोगों को उमस से राहत मिली है। हालांकि लगातार बारिश के कारण कई शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सामने आ सकती है, जिससे यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नगर निगम की टीमों को जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की नियमित निगरानी करने के लिए कहा गया है। आपदा प्रबंधन विभाग ने भी स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव की तैयारियों की समीक्षा की है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए यह बारिश खरीफ फसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। धान, मक्का, बाजरा और अन्य खरीफ फसलों को इस समय पर्याप्त नमी की आवश्यकता होती है, जिससे फसल की वृद्धि में मदद मिल सकती है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में जलभराव न होने दें और आवश्यकता पड़ने पर पानी की निकासी की उचित व्यवस्था करें। जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा की संभावना है, वहां फसल सुरक्षा के उपाय अपनाने की भी सलाह दी गई है।
बारिश के कारण सड़क परिवहन और रेल सेवाओं पर भी कुछ स्थानों पर असर पड़ सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और यदि यात्रा करना आवश्यक हो तो मौसम की ताज़ा जानकारी प्राप्त करके ही घर से निकलें। जलभराव वाले क्षेत्रों, तेज़ बहाव वाले नालों तथा बिजली के खंभों के आसपास विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों को बरसात के मौसम में स्वच्छ पानी पीने, साफ-सफाई बनाए रखने और मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को आवश्यक दवाइयों तथा चिकित्सा सुविधाओं के साथ तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग ने यह भी कहा है कि कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों और खेतों में कार्य करने वाले लोगों से भी खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने का अनुरोध किया गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन और सरकारी सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। अफवाहों या अपुष्ट जानकारी से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से संपर्क करने की सलाह दी गई है। यदि बारिश का यह दौर जारी रहता है, तो प्रदेश के जलाशयों और भूजल स्तर में सुधार होने की संभावना है, जिससे आने वाले महीनों में पेयजल और सिंचाई की स्थिति बेहतर हो सकती है।
कुल मिलाकर, मानसून की सक्रियता ने प्रदेश को गर्मी से राहत दी है, लेकिन इसके साथ सतर्कता और सुरक्षा उपाय अपनाना भी उतना ही आवश्यक है। प्रशासन, मौसम विभाग और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय से किसी भी संभावित चुनौती का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।








