सुल्तानपुर-शहर के गंदा नाला क्षेत्र में सोमवार को खाद्य सुरक्षा एवं दवा नियंत्रण विभाग की अंतर्जनपदीय टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दवा एजेंसी पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान करीब तीन लाख 85 हजार रुपये की दवाएं जब्त की गईं। टीम को कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जबकि एजेंसी संचालक लाइसेंस और वैध दस्तावेज मौके पर नहीं दिखा सका।जानकारी के मुताबिक यह छापा बाराबंकी और अयोध्या की दवा नियंत्रक विभाग की टीम ने स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर मारा। टीम ने एजेंसी की सप्लाई प्रक्रिया, बिलिंग, बैच रिकॉर्ड, और स्टॉक रजिस्टर की जांच की।
साथ ही दवाओं के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए। छापेमारी के दौरान किसी भी व्यक्ति को अंदर-बाहर आने-जाने की अनुमति नहीं दी गई और पूरी कार्रवाई करीब दो घंटे तक चली।सूत्रों के अनुसार फर्जी या डुप्लीकेट दवाओं की आपूर्ति की शिकायत शासन के उच्चाधिकारियों तक पहुंची थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। फिलहाल कंपनी का शटर बंद कर दिया गया है,लेकिन अब तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।छापेमारी के बाद से शहर के दवा कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है। बताया जा रहा है |

कि गिरी नाम का एक चर्चित व्यक्ति इस मामले को मैनेज करने में सक्रिय हो गया है,जो वर्षों से इस नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है।सूत्रों का कहना है कि जब्त दवाओं की जांच रिपोर्ट आने में करीब दो महीने का समय लगेगा। रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय होगा कि दवाएं असली थीं या डुप्लीकेट लेकिन इस बीच सवाल यह है कि आम जनता के स्वास्थ्य से इतना बड़ा खिलवाड़ आखिर कब तक चलता रहेगा।

