#ProudRandi आंदोलन: क्या दिविजा भसीन का कदम महिलाओं को सशक्त बनाएगा या विवाद को बढ़ावा देगा?

दिविजा भसीन, जिन्हें ऑनलाइन ‘awkwardgoat3’ के नाम से जाना जाता है, ने हाल ही में #ProudRandi आंदोलन शुरू किया है, जिसका उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले अपमानजनक शब्द ‘रंडी’ को सशक्तिकरण के प्रतीक के रूप में “रिक्लेम” करना है। इस अभियान का मकसद पितृसत्तात्मक समाज द्वारा महिलाओं को चुप कराने या अपमानित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले इस तरह के यौन-अपमानजनक शब्दों से जुड़े कलंक को चुनौती देना था

 

दिविजा भसीन एक काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट हैं और उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने कहा, “मैं एक प्राउड रंडी हूं, और मैं चाहती हूं कि आप भी इसे अपनाएं”। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य महिलाओं को सशक्त बनाना है और उन्हें अपने अधिकारों के लिए लड़ने के लिए प्रेरित करना है

 

हालांकि, उनके इस कदम की ऑनलाइन तीखी बहस छिड़ गई। जहां कुछ लोगों ने उनके इरादे का समर्थन किया, वहीं कई लोगों ने इसकी आलोचना की और इसे “टालमटोल” या गलत बताया। नाबालिगों पर इसके बुरे प्रभाव का आरोप लगाते हुए इस अभियान के खिलाफ शिकायतें (FIR) भी दर्ज की गई हैं

 

कुछ लोगों का कहना है कि दिविजा भसीन का यह कदम महिलाओं के खिलाफ इस्तेमाल होने वाले अपमानजनक शब्दों को बढ़ावा देगा, जबकि अन्य लोगों का कहना है कि यह कदम महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आवश्यक है

 

दिविजा भसीन ने अपने एक बयान में कहा, “मैं जानती हूं कि यह एक विवादित मुद्दा है, लेकिन मैं चाहती हूं कि लोग इस पर चर्चा करें और महिलाओं के अधिकारों के लिए लड़ें”।

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