लखनऊ।साहित्य, शिक्षा और समाजवादी आंदोलन के प्रखर स्तंभ डॉ. उदय प्रताप सिंह ‘गुरु जी’ के अभिनंदन ग्रन्थ का विमोचन शनिवार को एक गरिमामय समारोह में उनकी उपस्थिति में किया गया। पूरा कार्यक्रम साहित्यमय क्षणों का साक्षी बना।कार्यक्रम में साहित्य जगत के वरिष्ठ लेखक, कवि, शिक्षाविद और समाजवादी परिवार से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
वक्ताओं ने डॉ. उदय प्रताप सिंह के 75 वर्षों से अधिक के साहित्यिक सफर, उनकी प्रसिद्ध गजल ‘हिंदुस्तान सबका है’ और हिंदी संस्थान के अध्यक्ष के रूप में उनके योगदान को याद किया।समारोह में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विशेष रूप से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गुरु जी का स्थान उनके परिवार में पिता तुल्य है।अखिलेश यादव ने कहा, “गुरु जी को मैंने बचपन से देखा और सुना है। पार्टी हो या समाज का कोई भी बड़ा काम हो, उनकी राय हमेशा सबसे महत्वपूर्ण रही है।
वो नेताजी के गुरु रहे, यह हमारे लिए गर्व की बात है। उनका आशीर्वाद और दिशा निर्देशन ही हमारी असली पूंजी है।”उन्होंने यह भी बताया कि लखनऊ के लोक भवन का नामकरण भी गुरु जी ने ही किया था।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने गुरु जी के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना की और उनके चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया।
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