आज के समय में महंगे स्मार्टफोन स्टेटस सिंबल बन गए हैं, लेकिन इसे पाने की होड़ कई बार भारी पड़ रही है। महाराष्ट्र से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने एक बार फिर आसान किस्तों पर महंगे गैजेट्स खरीदने के ट्रेंड पर सवाल खड़ा कर दिया है।
महाराष्ट्र में 19 वर्षीय युवक कुणाल चांदगुडे और उसके माता-पिता की खाई में गिरने से मौत का मामला सामने आया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, परिवार में iPhone की EMI को लेकर लगातार विवाद और तनाव चल रहा था। इसी आर्थिक और मानसिक दबाव के चलते यह खौफनाक कदम उठाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

किस्तों पर iPhone खरीदने का बढ़ता चलन*यह कोई अकेली घटना नहीं है। भारत में प्रीमियम फोन, खासकर iPhone को EMI पर खरीदना आम हो गया है। मार्केट रिसर्च एजेंसी Counterpoint Research की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इस साल बिकने वाले कुल iPhone में से लगभग 42% फोन EMI या No-Cost EMI ऑफर पर खरीदे जाएंगे।समस्या यह है कि देश के एक बड़े मध्यम वर्ग की मासिक आय अभी भी 30,000 से 40,000 रुपये के बीच है। ऐसे में 70,000 से 1.5 लाख रुपये तक के फोन की 3,000 से 5,000 रुपये की मासिक किस्त लंबे समय तक परिवार के बजट को बिगाड़ देती है।
आसान लोन बना रहा है दिखावे की होड़?
फिनटेक कंपनियां, ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म और क्रेडिट कार्ड कंपनियां बिना किसी ज्यादा दस्तावेज के तुरंत लोन दे रही हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि -> आसान फाइनेंस ने खरीदने की क्षमता न होने पर भी महंगे गैजेट खरीदने को आसान बना दिया है। युवा सोशल मीडिया पर दिखावे के लिए यह कदम उठाते हैं और फिर पूरा परिवार कर्ज के जाल में फंस जाता है।
मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, एक अकेली घटना से किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता, लेकिन ऐसे मामलों का लगातार बढ़ना एक चेतावनी है। महंगे गैजेट्स का यह ट्रेंड न सिर्फ आर्थिक बोझ बढ़ा रहा है,
बल्कि परिवारों में मानसिक तनाव और झगड़ों की बड़ी वजह भी बन रहा है।जरूरत है कि युवा और अभिभावक अपनी आय के हिसाब से खर्च करें और आसान किस्तों के आकर्षण में आकर ऐसा कोई फैसला न लें जो पूरे परिवार की खुशियों पर भारी पड़ जाए।
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