नई दिल्ली – ईरान ने भारत के साथ ऊर्जा साझेदारी को नई गति देने का संकेत दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि तेहरान भारत को कच्चे तेल की आपूर्ति फिर से शुरू करने और तेल व्यापार बहाल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए आपूर्ति स्रोतों में विविधता लाने पर काम कर रहा है।
चाबहार बंदरगाह को बताया ‘सुनहरा प्रवेश द्वार’
अराघची ने चाबहार बंदरगाह परियोजना को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और व्यापार के लिए बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि चाबहार भारत, ईरान और मध्य एशिया के बीच व्यापार का “सुनहरा प्रवेश द्वार” साबित हो सकता है।भारत द्वारा विकसित चाबहार बंदरगाह का पहला चरण पहले ही चालू हो चुका है और यह अफगानिस्तान तथा मध्य एशियाई देशों तक पहुंच के लिए एक वैकल्पिक व्यापार मार्ग बन रहा है।
भारत की कूटनीतिक भूमिका की सराहना
ईरानी विदेश मंत्री ने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता लाने में भारत की रचनात्मक भूमिका की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नई दिल्ली की कूटनीतिक प्रतिष्ठा और संतुलित विदेश नीति इस क्षेत्र में सकारात्मक योगदान दे सकती है।
यूएई हमलों पर भारत के रुख के बाद आया बयान
ईरान का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यूएई पर हालिया हमलों की कड़ी निंदा करने और समर्थन की पेशकश के तुरंत बाद आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-ईरान के बीच ऊर्जा सहयोग और चाबहार जैसे बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेंगे।











