उत्तर प्रदेश में संपत्ति मूल्यांकन अब आसान होगा, एकीकृत दर सूची प्रारूप लागू किया गया है। स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने दर सूची का सरलीकरण किया है, जिससे नागरिक बिना सहायता स्वयं मूल्यांकन कर सकेंगे।
नई दर सूची में नगरीय, अर्द्धनगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों को 15 श्रेणियों में विभाजित किया गया है। अर्द्ध-वाणिज्यिक, कृषक व अकृषक भूखण्डों के मूल्यांकन हेतु एक समान प्रणाली लागू की गई है।
इस नई व्यवस्था से आम नागरिक बिना किसी तकनीकी सहायता के अपनी संपत्ति के मूल्यांकन एवं स्टाम्प शुल्क के आगणन में सक्षम हो सकेंगे। मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि यह एकीकृत दर सूची न केवल प्रदेश में पारदर्शिता और समानता सुनिश्चित करेगी, बल्कि आम नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीकरण प्रक्रिया को अधिक सहज एवं जनोन्मुख बनाएगी।
नई दर सूची में कृषि फार्म, अर्द्ध-वाणिज्यिक, आवासीय वाणिज्यिक, मिश्रित सम्पत्ति, एकल वाणिज्यिक अधिष्ठान, होटल, अस्पताल, पेट्रोल पंप, सिनेमाहॉल, कोचिंग सेन्टर आदि के लिए पृथक दरें निर्धारित की गई हैं। साथ ही, निर्माण की आयु के आधार पर 20 से 50 प्रतिशत तक मूल्यह्रास की सरल व्यवस्था की गई है।
वृक्षों के मूल्यांकन के लिए भी पूरे प्रदेश में एक समान मानक लागू किया गया है, जिससे वृक्षों की आयु के अनुसार मूल्यांकन होगा। साथ ही, एक ही आराजी नम्बर में कृषक व अकृषक भूमि होने की स्थिति में मूल्य निर्धारण हेतु वैज्ञानिक व तर्कसंगत प्रणाली लागू की गई है, जिससे वास्तविक मूल्य निर्धारण सुनिश्चित होगा और अनावश्यक स्टाम्प विवादों में कमी आएगी।
