सुलतानपुर | हत्या और जानलेवा हमले के एक करीब पांच साल पुराने मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे तृतीय की अदालत ने दो सगे भाइयों और उनके पिता को दोषी करार दिया है। दोषियों को सजा के बिंदु पर 27 जनवरी को फैसला सुनाया जाएगा।
यह मामला चांदा थाना क्षेत्र के फरमापुर गांव से जुड़ा है। वादिनी शालिनी शुक्ला ने 9 सितंबर 2020 की घटना को लेकर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने गांव के ही निवासी हरिश्चंद खरवार और उनके पुत्र विकास खरवार व विशाल खरवार पर अपने चाचा अनूप शुक्ल की हत्या तथा पिता अमित शुक्ल पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया था। एक अन्य नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्यायालय में मुकदमा चल रहा है।
अभियोग के अनुसार, अनूप शुक्ल गांव की एक दुकान पर सामान लेने गए थे, जहां किसी बात को लेकर हरिश्चंद खरवार से उनका विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर हरिश्चंद और उनके पुत्रों ने अनूप शुक्ल पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। बीच-बचाव के लिए पहुंचे अमित शुक्ल पर भी आरोपियों ने हमला किया। इस घटना में अनूप शुक्ल की मौत हो गई, जबकि अमित शुक्ल की हालत गंभीर हो गई थी।
मामले की सुनवाई एडीजे तृतीय निशा सिंह की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता संदीप सिंह ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कड़ी दलीलें पेश कीं। अदालत ने गुरुवार को तीनों आरोपियों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी ठहराते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया है। अब अदालत 27 जनवरी को सजा की अवधि पर अपना निर्णय सुनाएगी।

